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एक बारिश में ही सड़क उखड़ी बिल्डर को लाभ पहुंचाने मोड़ा नाला इनकी जांच क्यों नहीं?
नगर निगम हर साल शहर विकास के लिए काम करवाता है। प्रस्तावों के अनुरूप काम भी होते हैं। उनका भुगतान भी हो जाता है लेकिन हर काम की गहन जांच नहीं होती। जिससे कई काम लंबी अवधि तक नहीं चलते। पिछले साल तेज बारिश से शहर की सड़कें उखड़ गई थी। निगम ने इसके लिए प्रस्ताव बनाकर प्रदेश सरकार को भेजा लेकिन राशि नहीं मिली। ऐसे में निगम ने अपने खर्च पर सड़कें बनवाई।
वे सड़कें इस बार बारिश में फिर उखड़ गई हैं। वार्ड 47 में एक निर्माण कार्य संबंधित ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए किया। रहवासियों का कहना है कि इसकी जांच भी निगम ने नहीं करवाई। निगम ठेकेदार शुभम खंडेलवाल की आत्महत्या के बाद निगम के दो उपयंत्रियों पर आरोप लगे तो निगम के अमले ने उसके निर्माण कार्य की खुदाई कर जांच रिपोर्ट भी सौंप दी है।
.किस्से, जो बता रहे निगम की कार्यशैली
एक साल भी नहीं टिकी सड़क
बारिश से उखड़ी सड़कों में चामुंंडा माता चौराहा की सड़क भी शामिल थी। बारिश खुलने के बाद निगम ने अपने मद से सड़क तो बनाई लेकिन वह लंबे समय तक टिक नहीं सकी। इस बार भी बारिश में वही सड़क उखड़ गई है जिसे निगम ने बनवाया था। ऐसे में सवाल उठता है कि निगम ने निर्माण के बाद इसकी जांच करवाई होती तो यह हाल नहीं होते।
लेआउट से हटकर बनाया नाला
वार्ड 47 में धंसे नाले की शिकायत रहवासियों ने निगम आयुक्त से की। निगमायुक्त शुक्रवार को मौके पर पहुंचे। यहां रहवासियों ने आरोप लगाया कि बिल्डर को लाभ पहुंचाने के लिए लेआउट से हटकर नाला निर्माण किया है। रहवासियों के अनुसार यह नाला एक बार पहले भी धंस चुका है। रहवासी धनराज गेहलोत ने कहा पहले कागजों पर नाला बना। उसकी जांच भी नहीं हुई।
निगम ठेकेदार के निर्माण की जांच पूरी, रिपोर्ट वरिष्ठों को भेजेंगे
निगम ठेकेदार शुभम खंडेलवाल के निर्माण कार्यों की जांच पूरी हो गई है। जांच में लगे निगम अमले ने अपनी रिपोर्ट निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल को सौंप दी है। आयुक्त का कहना है कि रिपोर्ट मिल गई है। उसे अध्ययन कर निर्णय लेंगे। वैसे निगम के निर्माण कार्यों की जांच एक नियमित प्रक्रिया है।